उदयपुर। सांसद मन्नालाल रावत ने गुरुवार को लोकसभा में मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने तथा इस पर वेब सीरीज और फिल्म निर्माण की मांग उठाई।
शून्यकाल के दौरान डॉ. रावत ने कहा कि 1908 से 1913 के बीच राजस्थान, गुजरात और मध्यप्रदेश की सीमा पर हुए मानगढ़ आंदोलन में गोविंद गुरु जी के नेतृत्व में भील भक्तों ने सामाजिक समरसता के आधार पर भगवा ध्वज के साथ वैदिक हवन, यज्ञ और महादेवजी की भक्ति के माध्यम से स्वाधीनता संग्राम में योगदान दिया। इस दौरान भारत को 'जम्बूखंड' के रूप में प्रस्तुत करते हुए कई प्रेरणादायक गीत गाए गए, जो औपनिवेशिक सत्ता के विरुद्ध एक बड़ा संदेश थे।
सांसद रावत ने कहा कि इस आंदोलन में आदिवासी सनातनी भक्तों की शहादत की गाथा अब तक वैश्विक स्तर पर उजागर नहीं हो पाई है। उन्होंने मांग की कि इस ऐतिहासिक घटना का व्यापक रूप से लेखन, प्रकाशन किया जाए और एक वेब सीरीज भी बनाई जाए। साथ ही, आरआरआर फिल्म की तर्ज पर एक भव्य फिल्म का निर्माण कर मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक का दर्जा दिया जाए।