उदयपुर। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अभियान के तहत पात्र लोगों को लाभ दिलाने तथा अपात्रों के नाम हटाने को लेकर चल रहे गिव-अप अभियान का व्यापक असर देखने को मिल रहा है। उदयपुर जिले में अब तक 20 हजार से अधिक लोग स्वैच्छिक रूप से खाद्य सुरक्षा सूची से अपना नाम हटवा चुके हैं। स्वेच्छा से नाम हटवाने की अंतिम तिथि 30 अप्रैल निर्धारित है। इसके पश्चात सर्वे कराकर अपात्र लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
जिला रसद अधिकारी मनीष भटनागर ने बताया कि खाद्य मंत्री श्री सुमित गोदारा के निर्देशानुसार गिव अप अभियान चलाया जा रहा है। खाद्य सुरक्षा प्रदान करने के सम्बन्ध में निर्धारित मापदण्ड अधिसूचना के अन्तर्गत निष्कासन श्रेणी तय की गई है। इसमें ऐसे परिवार जिसमें कोई आयकर दाता हो, ऐसे परिवार जिसका कोई सदस्य सरकारी/अर्द्ध सरकारी/स्वायŸाशासी संस्थाओं में कर्मचारी/अधिकारी हो, एक लाख से अधिक वार्षिक पारिवारिक आय हो अथवा परिवार में किसी सदस्य के पास चार पहिया वाहन हो (ट्रेक्टर आदि आजीविकापार्जन में प्रयुक्त वाहन को छोड़कर) को निष्कासन श्रेणी में रखा गया है। निष्कासन श्रेणी के अन्तर्गत सम्मिलित उपभोक्ता अपना नाम स्वेच्छा से हटवाने के लिए 30 अप्रैल तक आवेदन कर सकते हैं। साथ ही खाद्य विभाग की वेबसाइट फूड डॉट राजस्थान डॉट जीओवी डॉट इन पर आवेदन कर अपना नाम स्वयं भी हटवा सकते हैं। इस अवधि के बाद उक्त श्रेणियों के अपात्र परिवार के चिन्हीकरण के लिए सर्वे करवाया जाएगा। सर्वे में अपात्र पाये जाने पर परिवारों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही की जाएगी।
श्री भटनागर ने बताया कि उदयपुर जिले में जिला रसद कार्यालय प्रथम अंतर्गत 3395 आवेदन पत्रों में शामिल 13255 सदस्यों तथा जिला रसद कार्यालय द्वितीय अंतर्गत 1649 आवेदन पत्रों में शामिल कुल 6896 सदस्यों के नाम हटाए गए हैं। खाद्य विभाग की वेबसाइट पर डीएसओ प्रथम में 323 तथा द्वितीय 1025 लोगों ने ऑनलाइन आवेदन किया है।
अब तक 135 को नोटिस
श्री भटनागर ने बताया कि विभाग की ओर से स्वयं के स्तर पर सर्वे कराकर अपात्र लोगों को चिन्हित किया जा रहा है। इसमें अब तक 135 अपात्र व्यक्तियों को नोटिस जारी कर वसूली करने के सम्बन्ध एवं नियमानुसार कार्यवाही की चेतावनी दी गई है।