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महिला के सिर से 10 सेमी का ट्यूमर निकाला

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24 Dec 22
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 महिला के सिर से 10 सेमी का ट्यूमर निकाला

उदयपुर। उदयपुर के पारस अस्पताल की न्यूरोसर्जरी टीम ने एक और सफ लता हासिल की है। पारस अस्पताल में 60 वर्ष की महिला के सिर से 10 सेमी का ट्यूमर कुसा मशीन के जरिए सर्जरी कर सफ लतापूर्वक निकाला गया है। यह सर्जरी डॉ. अजीत सिंह, सीनियर कंसल्टेंट न्यूरो एंड स्पाइन सर्जन, पारस अस्पताल, उदयपुर के नेतृत्व में सफ लतापूर्वक की गई है। महिला को सिर दर्द, भूख नहीं लगना, लोगों को नहीं पहचान पाना एवं व्यवहार में बदलाव की समस्या थी। एमआरआई की जाँच में सामने आया की सिर में 10 सेमी का ट्यूमर है। डॉ. अजीत सिंह ने सारी जांचों को देखते हुए परिजनों को ऑपरेशन से जुडी सभी आशंकाएँ समझाने के बाद सर्जरी करने का निर्णय लिया जो सफ लतापूर्वक की गई। इस सर्जरी को करने में 8 से 9 घंटे का समय लगा और इस सर्जरी में कुसा मशीन का उपयोग किया गया। डॉ. अजीत सिंह ने बताया कि कुसा एवं इमेज गाइडेंस मशीन की मदद से ट्यूमर के छोटे-छोटे टुकडे करके कम ब्लीडिंग से गांठ को निकला जाता है महिला के सिर का ट्यूमर बडा था, इसलिए हमने इस मशीन का उपयोग कर इस सर्जरी को सफ लतापूर्वक किया। सफल सर्जरी के बाद महिला अब पूर्णरूप से स्वस्थ है। डॉ. अजीत सिंह ने बताया कि इस बीमारी को मेडिकल भाषा मेनिनजियोमा ट्यूमर कहते हैं। यह ट्यूमर सिर के चारों ओर बनी परत से पैदा होता है जिसे मेडिकल भाषा में मेनिन्जेस कहा जाता है। यह ट्यूमर अधिकतर धीमी गति से विकसित होता है कई मामलों में सालों तक इसके लक्षण सामने नहीं आते हैं। इसके लक्षण सिर दर्द, धुंधला दिखना, हाथ पैरों में कमजोरी, व्यवहार में बदलाव आदि हैं। अगर समय रहते इसका इलाज न हो तो इसके प्रभाव के कारण मरीज को विकलांगता भी हो सकती है। डॉ. के अनुसार इतने बडे ट्यूमर को विकसित होने में 3 से 4 साल का समय लगता है। इसके लक्षण जैसे व्यवहार में बदलाव का समय रहते आंकलन करके सीटी स्कैन करा लेना चाहिए और इसे कोई व्यवहार सम्बंधित बीमारी समझ कर नजर अंदाज नहीं करना चाहिए। इस तरह के ट्यूमर का शुरुआत में ही पता चल जाने पर बिना सर्जरी और तकनीक से भी इसका इलाज संभव है।


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